कैप्टन विक्रम बत्रा जैसे सैनिक करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा - डिपेंद्र साहू
साल 1999 की सर्दियों में पाकिस्तान की सेना ने मौका देखकर जम्मू-कश्मीर की करगिल समेत और कुछ चोटियों पर कब्जा कर लिया था. अप्रैल के आखिर और मई की शुरुआत में जब इन चोटियों की बर्फ पिघली तो भारत सरकार को पाकिस्तान की घुसपैठ की जानकारी हुई. पाकिस्तान को यहां से खदेड़ने के लिए 5 मई से 26 जुलाई तक कश्मीर की चोटियों पर दुश्मन के साथ हमारी सेनाओं का युद्ध हुआ.
आज करगिल विजय दिवस है. आज करगिल की विजय गाथा को याद कर देश गौरवान्वित हो रहा है. आज से 21 साल पहले दुश्मन ने जम्मू-कश्मीर में कारगिल, द्रास, बटालिक की चोटियों पर बुरी निगाह डाली थी. भारत के वीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर इन चोटियों की रक्षा की और इसे पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराया. भारतीय सेना के इन सैनिकों के अदम्य साहस और कुर्बानी को याद और नमन करने के लिए देश हर साल 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाता है.धमतरी के कारगिल गार्डन में विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने भाजपा शहर मंडल के नेतृत्व में भाजपाई पहुंचे ,उपस्थित सभी को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष विजय साहू ने कहा कि करगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है. मैं उन शूरवीरों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से करगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर वहां पुनः तिरंगा लहराया, मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है,जिन्होंने ऊंची चोटी में कब्जा किये भारी संख्या में दुश्मनों पर न केवल जीत हासिल की बल्कि भारत का मान पूरे विश्व में बढ़ाया उन सभी वीर सैनिकों को नमन है यह दिन अप्रतिम शौर्य और अदम्य साहस की शानदार गाथा को समर्पित है।
भाजपा स्वच्छता प्रकल्प के जिला संयोजक शिवदत्त उपाध्याय ने कहा है कि करगिल विजय दिवस के रूप में अंकित हुआ 26 जुलाई 1999 में देश की गौरवपूर्ण विजय की रोमांचक कहानी है,जिससे हर देशवासी फक्र महसूस करता है,देश की मिट्टी को घुसपैठियों से आजाद करने के लिए भारतीय सेना ने डटकर मुकाबला किया. विकट परिस्थितियों में भी सेना के जवानों ने खड़ी चढ़ाई चढ़ी और आखिरकार पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर पानी फेरा. इस जंग में सेना के 527 जवान शहीद हुए. इनमें से कुछ अफसरों की बहादुरी आज भी याद की जाती है चाहे वो कैप्टन विक्रम बत्रा होआ,अनुज नायर हो या मनोज पांडे सभी ने देश के करोड़ों युवाओं को देश के लिए मर मिटने की प्रेरणा देता है।
उक्त अवसर पर विजय साहू शिवदत्त उपाध्याय अवनेंद्र साहू,दीपेंद्र साहू, नरेंद्र रोहरा, राजेन्द्र शर्मा ,धनीराम सोनकर अखिलेश सोनकर,अज्जू देश लहरे जनक साहू,अर्जुन गाडगे, यश साहू भाजपा के जेस्ट श्रेस्ट कायकर्ता उपस्थित रहे कार्यक्रम की संचालन महामंत्री अखिलेश सोनकर उपस्थित रहे।


