आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद धमतरी इकाई के कार्यकर्ताओं ने नर्सिंग छात्रों कि समस्याओं को लेकर कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक पूजा यादव ने बताया कि जी.एन.एम कोर्स के विद्यार्थियों को आसानी से अधिक अंक मिल जाते हैं क्योंकि उनका कोर्स कम समय (3 वर्ष) का होता है तथा पाठ्यक्रम भी सरल होता है जबकि बी.एस.सी. नर्सिंग कोर्स के विद्यार्थियों को कम अंक प्राप्त होते हैं क्योंकि कोर्स अधिक माह (4 वर्ष) का होता है तथा पाठ्यक्रम भी अधिक विस्तृत होता है नर्सिंग के विद्यार्थियों को नर्सिंग करने के बाद भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण हम उनके समस्याओं को लेकर कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपे हैं, और अगर जल्द की समास्याओं का निवारण नहीं होता है तब हम आंदोलन प्रदर्शन करेंगे। मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं,
1. विश्वविद्यालय नर्सिंग काउन्सिल से नर्सिंग कोर्स प्रथम बी.एस.सी. नर्सिंग द्वितीय पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग एवं तृतीय जी.एन.एम. में उत्तीर्ण हो, दिया गया है, जिसमें 4 वर्षीय डिग्री कोर्स के समकक्ष 3 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स को रखा गया है जिसके कारण उच्चतर योग्यता बी.एस.सी. नर्सिंग होने के उपरांत भी अधिकांश छात्र-छात्राओं को जारी विज्ञापन के नियमानुसार परीक्षा से वंचित होना पड़ रहा है।
2. यह कि बी.एस.सी. नर्सिंग की पढ़ाई में विषयवस्तु का विस्तृत अध्ययन होता है जबकि जी.एन.एम. में बेसिक स्तर की पढ़ाई होती है।
3. यह कि बी.एस.सी. नर्सिंग की परीक्षा प्रणाली और जी.एन.एम. की परीक्षा प्रणाली में काफी अंतर होता है।
4. बी.एस.सी. नर्सिंग की पढ़ाई केवल अंग्रेजी माध्यम में होती है जबकि जी.एन.एम. की पढ़ाई हिन्दी माध्यम पर आधारित होती है।
5. विभाग द्वारा जिलेवार जारी मेरीट सूची में जिन पात्र अभ्यर्थियों का नाम अंकित है उनके अलग-अलग पूर्णांक एवं प्राप्तांक अंकित हैं।
6. बीएससी नर्सिंग मे फर्स्ट डिवीजन 60% होता है एवं जी. एन. एम. मे 70% होता है।
नगर मंत्री सुभाष यादव ने बताया कि इस कारण बी.एस.सी. नर्सिंग के विद्यार्थियों और जी.एन.एम. कोर्स के विद्यार्थियों को एक ही पैमाने पर रखने से बी.एस.सी. नर्सिंग के विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है। इसके पूर्व भी विभिन्न परीक्षाओं में जी.एन.एम. उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बी.एस.सी. नर्सिंग उत्तीर्ण विद्यार्थियों के बराबर रखने के कारण 4 वर्षीय डिग्रीधारी विद्यार्थियों के साथ अन्याय होता रहा है। अतः उपरोक्त नियम में संशोधन करते हुए बी.एस.सी. नर्सिंग वालों को भर्तियों में प्राथमिकता दिया जाये। इस अवसर पर विभाग छात्रा प्रमुख रूपाली सोनी, तकनीकी प्रमुख गजेन्द्र, ज्योति सोनी,वीना साहू,राजा शर्मा, रुद्रनिष साहू,भूषण,अंकिता यादव,प्रीति साहू, डिगेश्वरी,वंदना,जमुना, दामिनी,प्रेमनंदनी,प्रीति,स्वाति,अर्चना,खेमराज साहू,रविशंकर वर्मा,मृतुन्जय नायक,मनीष साहू, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे


