धमतरी - कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने आज कृषि अमले को रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसल लगाने अधिक से अधिक किसानों को प्रोत्साहित करने कहा है। उन्होंने सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को इसके लिए मैदानी क्षेत्र का सतत दौरा करने, कृषक मित्र का सहयोग लेने पर बल दिया है। इसके अलावा जगह-जगह कृषक संगोष्ठी आयोजित कर किसानों के मन में उपजे सवालों, उनकी रबी फसल को लेकर कौतूहल और जिज्ञासा को शांत करने भी कहा है। किसानों को अगर शासन से बीज दिया जा रहा तो वह समय पर उपलब्ध कराएं और जरूरी सलाह भी दें। इस बार रबी सीजन में ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन, तिलहन, सब्जी और अन्य अनाज जैसे गेहूं, मक्का, रागी को अधिक से अधिक क्षेत्र में लगाने किसानों को प्रोत्साहित करने, कृषि विभाग द्वारा कलेक्टर के मार्गदर्शन में बनाई गई कार्ययोजना को मूर्त रूप देने आज ज़िला पंचायत सभाकक्ष में बैठक रखी गई। सुबह 10.30 बजे से शाम तक दो पालियों में कृषि विभाग के मैदानी अमले को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
उप संचालक कृषि जी.एस.कौशल ने इस मौके पर बताया कि पिछले रबी सीजन के 45 हजार 830 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान लगाया गया था। कलेक्टर के मार्गदर्शन में तैयार कार्ययोजना के अनुरूप इसमें कमी की गई है और प्रस्तावित अनाज में गेहूं के लिए 3000 हेक्टेयर, मक्का के लिए 3600 हेक्टेयर, रागी 40 हेक्टेयर, कुल 6640 हेक्टेयर का रकबा तय किया गया है। दलहन का रकबा भी इस साल बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई गई है। पिछले रबी के 10560 हेक्टेयर के रकबे को बढ़ाकर इस बार 26920 हेक्टेयर किया गया है। इसमें चना 12500 हेक्टेयर, तिवड़ा उतेरा 12300 हेक्टेयर, मटर 1200 हेक्टेयर, मूंग और उड़द 250-250 हेक्टेयर, मसूर 220 हेक्टेयर तथा कुल्थी 200 हेक्टेयर में लगाने की कार्ययोजना है। इसके साथ ही पिछले रबी के तिलहन के रकबे (1018 हेक्टेयर) को बढ़ाकर 2440 हेक्टेयर किया गया है। इसमें राई-सरसो 2200 हेक्टेयर, अलसी 240 हेक्टेयर और साग-सब्जी का पिछले रबी सीजन के 1773 हेक्टेयर के रकबे को बढ़ाकर 2000 हेक्टेयर किया गया है। बताया गया कि इस रबी के सीजन में 38000 हेक्टेयर में धान के बदले अन्य फसल लगाने की योजना है।
बैठक में कलेक्टर द्वारा धान खरीदी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। आगामी एक दिसम्बर से खरीफ मौसम 2021-22 में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान और मक्का की खरीदी की जानी है। ज़िले में व्यवस्थित, सुचारू धान खरीदी के लिए 74 समितियों के 89 उपार्जन केंद्रों में निगरानी समिति गठित किए गए हैं, जिसमें कलेक्टर द्वारा नामांकित प्रतिनिधि के रूप में कृषि विभाग का मैदानी अमला कार्य करेगा। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने उक्त अधिकारियों को धान/मक्का खरीदी के समय सोमवार से शुक्रवार तक सुबह ठीक नौ बजे से दोपहर दो बजे तक समिति में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान किसानों द्वारा लाए गए धान के ढेर का परीक्षण आर्द्रतामापी यंत्र से करने पर बल दिया है, जिससे 17% से अधिक नमी वाले धान खरीदने के लिए ना लिए जाएं। इसी तरह 14% से कम नमी वाला मक्का ही खरीदना सुनिश्चित करने कलेक्टर ने कहा है। उन्होंने धान खरीदी के लिए समितिवार किसानों को जारी टोकन का परीक्षण करने के अलावा सुनिश्चित करने कहा है कि उक्त किसानों की सूची समिति में प्रदर्शित किया गया है।
बैठक में कलेक्टर ने जोर दिया कि ज़िले में बिचौलिए और कोचियों द्वारा गलत तरीके से धान बेचने के लिए अगर लाए जाएं तो उस पर भी निगाह रखें और तत्काल प्रकरण पंजीबद्ध कर उप पंजीयक सहकारी समिति को रिपोर्ट भी दें जिससे कि धान/मक्का खरीदी का लाभ वास्तविक किसानों को ही मिले। कलेक्टर ने कहा है कि धान विक्रय करते समय हमालों द्वारा वजन से गड़बड़ी ना की जाए। साथ ही धान खरीदी प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, संचालक मंडल के सदस्य और हमालों द्वारा बाधा पहुंचाने पर इसकी जानकारी भी तत्काल उप पंजीयक को देने के निर्देश बैठक में दिए हैं। उन्होंने सुनिश्चित करने कहा है कि प्रतिदिन उपलब्ध खाली और भरे बरदानों का सत्यापन गठित निगरानी समिति द्वारा किया जाए। ज्ञात हो कि इस साल किसानों के 25% धान खरीदी जूट बारदाने में की जाएगी। इसके लिए किसानों को खुद 25% जूट बारदाने की व्यवस्था करनी होगी। कलेक्टर ने इस व्यवस्था का ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इस साल धान का समर्थन मूल्य सामान्य का 1940 रुपए और ग्रेड ए का 1960 रुपए प्रति क्विंटल है। इसी तरह मक्का का समर्थन मूल्य 1870 रुपए प्रति क्विंटल शासन द्वारा तय किया गया है। जिले में धान आगामी एक दिसम्बर से 31 जनवरी 2022 तक और मक्का एक दिसम्बर से 31 मई 2022 तक समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। खाद्य अधिकारी बसंत कोरम ने बताया कि सीमांत कृषक एक बार में पूरा धान, लघु किसान दो बार तथा बड़े किसान तीन बार में समर्थन मूल्य पर केंद्रों में धान बेच सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि धान विक्रय में सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा शासन द्वारा तय मापदंड अनुसार प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदी किसानों से समर्थन मूल्य में की जाएगी। जिला पंचायत सभाकक्ष में दो पालियों में आहूत बैठक में पहली पाली सुबह 10.30 से दोपहर दो बजे तक कुरूद और मगरलोड विकासखण्ड तथा दूसरी पाली दोपहर दो से शाम 4.30 बजे तक धमतरी और नगरी विकासखंड की रखी गई। बैठक में कृषि अमले के साथ-साथ सहकारिता, केन्द्रीय सहकारी बैंक, खाद्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
