धमतरी. जश्ने ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य में मुस्लिम भाईयों ने बड़े शानो शौकत के साथ जुलूस निकाला। इस जुलूस में शामिल लोग नात शरीफ पेश करते हुए चल रहे थे। जुलूस में शामिल युवाओं का उत्साह देखते बनता था। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे विशेष आकर्षण के केन्द्र बिन्दु बने हुए थे। आपसी प्रेम और सद्भावना का परिचय देते हुए यहां के अन्य सम्प्रदाय के लोगों ने भी अपने मुस्लिम भाईयों को जश्ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। परचम कुशाई की रस्म अदा कर मुल्के-ए-हिंद में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई।
इंसानियत के पैरोकार सरकारे दो आलम हजरत मोहम्मद सल्लाहोअलैहे वसल्लम की शान में अंजुमन इस्लामियां कमेटी के जेरे निगराह में जुलूस-ए-मोहम्मदी ईदगाह से निकला। यतीमखाना उस्मानियां के बच्चे आगे-आगे परचमे-ए-इस्लाम को लेकर नारे-ए-तकबीर की सदाएं बुलंद करते हुए चल रहे थे। रंग-बिरंगे परिधानों में आकर्षक का केन्द्र बने युवा सरकारे दो आलम सल्लहोअलेही वसल्लम की आमद की खुशी में नात शरीफ गुनगुनाते हुए फिजां को और खुशनुमां बना रहे थे। जुलूस में शामिल छोटे-छोटे बच्चे भी आकर्षण का केन्द्र बने हुए थे। सरकार की आमद मरहबा का नारा बुलंद करते हुए यह जुलूस शहर के रिसाईपारा, बनियापारा, कचहरी चौक,सदर बाजार, नेशनल हाइवे होते हुए वापस ईदगाह पहुंचा। यहां जामा मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती गुलाम यजदानी, हनफिया मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मौलाना तौहिद आलम समेत शहर की अन्य मस्जिदों के पेश इमाम ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। इसके बाद हाजी हारून उस्मान, मो. एजाज और हाजी अकरम खत्री ने सलातो सलाम का नजराना पेश किया। इसके पहले मुफ्ती जुबेर अहमद ने तिलावत पाक पेश कर प्रोग्राम की शुरूआत की। हाफिज मो. एजाज, नजीर अहमद सिद़्दीकी, हाजी मोहम्मद अमीन कुरैशी आदि ने नात पाक पेश किया। जुलूस में अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष हाजी नसीम अहमद, हाजी हारून उस्मान, हाजी अय्यूब निर्वाण, मो. युसूफ रिजवी, दिलावर रोकडिय़ा, अब्दुल रज्जाक रिजवी, मोहम्मद शाह अहमद, मोहम्मद शमीम अधिवक्ता, वसीम कुरैशी, हाजी बशीर अहमद, युसूफ रजा, आजम रिजवी, शेख सिराजुद्दीन, शेख आजम, सलीम रोकडिय़ा, जुनैद रिजवी, मोईन खान गोल्डी, जावेद खान, अवैश हाशमी, अशरफ रोकडिय़ा, जहांगीर अशरफ, हाजी अब्दुल सलाम खत्री, अशरफ विरानी, सैय्यद आसिफ अली, इकबाल बुरहान, इरफान विरानी, तनवीर कुरैशी, मो. हाजी अमीन, रेहान विरानी, तनवीर उस्मान, लक्की रिजवी, इकबाल खोखर, अनस रजा, हाजी मोहम्मद नौसाद, मोहम्मद लतीफ अहमद, अहमद रजा आदि मौजूद रहे।
भाईचारा की बुनियाद
हनफिया मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मौलाना तौहिद आलम ने फरमाया कि पैगम्बरे इस्लाम एक धर्म, एक जाति, एक वर्ग, एक नस्ल, एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी कायनात के लिए रहमत बनकर आए। इंसानियत का उन्होंने पैगाम देकर आपसी भाईचारे की बुनियाद को मजबूत किया। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही हम अपनी दुनिया और आखरत संवार सकते हैं।
फूल बरसा कर किया स्वागत
जुलूसे मोहम्मदी में शामिल मुस्लिम भाईयों पर शहर में जगह-जगह फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया। घड़ी चौक के पास दुग्ध महासंघ अध्यक्ष विपिन साहू,महापौर विजय देवांगन, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शरद लोहाना, मोहन लालवानी, हरमिंदर छाबड़ा, गैंदलाल साहू की अगुवाई में कांग्रेसजनों ने स्वागत किया। कौमी एकता कमेटी की ओर से जुलूस में फूलों की बारिश कर स्वागत किया। कमेटी के प्रमुख अशरफ खिलची, दीपक जैन, राजू भाई चिश्ती, जावेद भाई, पार्षद श्यामा साहू आदि कार्यकर्ताओं ने ठंडा भी वितरण किया। इसी तरह भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की ओर से ईदगाह के सामने इस्तकबाल किया गया। यहां इकबाल खोखर, हरसत अली, सिंकदर भाई समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे
