रायपुरः छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में स्थित रामजानकी मंदिर के समीप लगे धार्मिक झंडे को गिराने का वीडियो वायरल हो रहा है. जिससे इलाके में तनाव की स्थिति है. घटना के विरोध में हिंदू संगठनों के लोगों ने थाने के सामने धरना भी दिया. खबर के अनुसार, दबाव के चलते पुलिस ने झंडा गिराने के आरोपी 10 लोगों रहमत खान, सरफराज खान, इमरान, गुलाम एहफाज, सैफ अली, रिजवान खान, मो. शाहरुख, मो. अमान रजा, साहिल, अरशद को गिरफ्तार किया है
जिसके चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर 'छत्तीसगढ़ में लौटा मुगलराज' ट्रेंड कर रहा है. भाजपा के पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने ट्विटर पर लिखा कि छत्तीसगढ़ को हिंसा में झोंकने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं. पहले कवर्धा और अब रायपुर! क्या श्री राम के ननिहाल में ही पूज्य भगवा ध्वज नहीं फहरा सकते! क्या किसी साजिश का हिस्सा है ये सब? इसके बाद ट्विटर पर 'छत्तीसगढ़ में लौटा मुगलराज' हैशटैग ट्रेंड करना लगा है.
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने ट्विटर पर हैशटैग के साथ लिखा कि "कौशल्या की भूमि, श्री राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की ऐसी दशा! 15 साल बीजेपी की सरकार थी. एक भी दंगा-सांप्रदायिक विवाद नहीं हुआ. अब कांग्रेस की सरकार के राज में रोज पूज्य भगवा ध्वज का अपमान हो रहा है. शर्मनाक!"
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों छत्तीसगढ़ के कवर्धा में भी सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, जिसे लेकर भाजपा प्रदेश सरकार पर काफी हमलावर रही थी. अब रायपुर की घटना के बाद सोशल मीडिया पर हैशटैग 'छत्तीसगढ़ में लौटा मुग़लराज' ट्रेड करने लगा.
