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DHAMTARI:: मगरलोड क्षेत्र में जल संग्रहण व आजीविकामूलक कार्यों का जिला पंचायत सीईओ ने लिया जायजा

 धमतरी :: मगरलोड विकासखण्ड में चल रहे जल संग्रहण परियोजना और शासन की महती नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत किए गए कार्यों का जायजा लेने आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत  प्रियंका महोबिया ने भ्रमण किया। उन्होंने ग्राम मुरूमडीह में नरवा के तहत किए गए कार्य एलबीएस, नया तालाब, डैम और 30-40 मॉडल का अवलोकन किया। साथ ही ग्रामीणों की बैठक लेकर अब तक किए गए कार्यों का आंकलन और आने वाले समय में किए जाने वाले नए कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने कहा।

इसी तरह ग्राम सोनझरी और सिंगपुर में आवर्ती चराई गौठान का मुआयना कर वहां चल रहे कार्यों को समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जल संग्रहण परियोजना के तहत जाम नाला ड्रेनेज लाइन में बने एलबीएस संरचना का भी अवलोकन किया। इसके बाद सी.ई.ओ. ने ग्राम गिरहोलाडीह में जल संग्रहण परियोजना के तहत श्मशानघाट, डैम, वृक्षारोपण, साइड एवं पेचवाइज बने कुएं का मुआयना किया। यहां के किसानों द्वारा डबल फसल के रूप में सब्जी, गेहूं, मड़िया, अलसी एवं धान लगाया गया है। इसी तरह ग्राम बूढ़ाराव में जल संग्रहण परियोजना के तहत चूजा उत्पादन केंद्र का निर्माण किया गया है, जिसे जय मां शीतला महिला स्वसहायता समूह के द्वारा क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस केन्द्र का उद्घाटन भी आज सीईओ जिला पंचायत ने किया। गौरतलब है कि चूजा उत्पादन केंद्र के जरिए ग्रामीणों को देशी मुर्गी पालन से जोड़कर उनकी आजीविका को बढ़ाने का प्रयास एग्रोक्रेट्स द्वारा किया जा रहा है। ग्राम परसाबड़ा में स्थित गौठान में केंचुआ खाद उत्पादन, बकरी शेड, मुर्गी शेड, मशरूम शेड और कृषि संबंधी गतिविधियों का अवलोकन के सीईओ द्वारा दौरान शेष कार्यों का कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।





इसके अलावा ग्राम पंचायत कपालफोड़ी में मिश्रित फलदार वृक्षारोपण, सामुदायिक बाड़ी, गौठान का मुआयना भी किया गया। इस दौरान जल संग्रहण परियोजना के तहत बनाई गई योजना, प्रस्तावित और पूर्ण कार्य तथा आजीविका संबंधी गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया। साथ ही प्रस्तावित कार्यों की सूची बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। यहां फलदार वृक्षारोपण में कार्य कर रहे महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं को सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करने और फलदार पौधे एवं फूल की नर्सरी तैयार आजीविकामूलक कार्यों से जुड़ने प्रेरित किया। वनोपज संग्रहित करने वाली महिला समूहों और वन अमले को निर्देशित किया गया कि वन से निकलने वाले सभी उत्पादों को एक जगह संग्रहण करके उसका प्रसंस्करण किया जाए, जिससे वन उत्पाद का उचित लाभ समूह को मिल सके। भ्रमण के दौरान एग्रोक्रेट्स सोसायटी फॉर रूरल डेवलपमेंट की टीम, जनपद पंचायत मगरलोड का मैदानी अमला, कृषि विभाग, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।